“दर्द को लफ़्ज़ों में लिखूंगी…” 💔

मैं लिख पाऊँ कुछ तो, ✍️

मैं खुद को लिखूंगी.. 💫

खुद के हिस्से का,

दर्द, ग़म सब लिखूंगी.. 💔

वो मायूसी भरे दिन,

वो रोती हुई रातें लिखूंगी.. 🌙😢


कुछ ख़्वाब अधूरे,

कुछ शिकायतें लिखूंगी.. 🌫️

कुछ शोर अपना,

कुछ सन्नाटे लिखूंगी.. 🔕

सबसे दूर,

खुद के करीब लिखूंगी.. 🖤

मैं खुद को,

बदनसीब लिखूंगी.. 💔


लिखूंगी खुद को खुली किताब में,

फिर उस किताब को बेनाम लिखूंगी.. 📖

खामोश लफ़्ज़ों में,

अपनी ही आवाज़ लिखूंगी.. 🤍

जो समझ ना पाए कोई,

वो हर एहसास लिखूंगी.. 

जो खो गया रास्तों में,

उसे याद बनाकर लिखूंगी.. 🌫️✨



@Soniya_Chouhan

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